राजस्थान में बड़ा फैसला: अब दो से ज्यादा बच्चे वाले भी लड़ सकेंगे पंचायत और निकाय चुनाव

जयपुर। राजस्थान की भाजपा सरकार ने स्थानीय निकाय और पंचायत चुनावों को लेकर बड़ा निर्णय लिया है। राज्य कैबिनेट ने करीब 30 साल पुराने “दो बच्चों के नियम” को हटाने को मंजूरी दे दी है। अब दो से अधिक संतान वाले व्यक्ति भी पंचायत, नगर निकाय और नगरपालिका चुनाव लड़ सकेंगे।

यह नियम वर्ष 1995 में तत्कालीन मुख्यमंत्री के कार्यकाल में जनसंख्या नियंत्रण के उद्देश्य से लागू किया गया था। इसके तहत दो से अधिक बच्चों वाले व्यक्ति को सरपंच, पंच, पार्षद, जिला परिषद या अन्य स्थानीय निकाय पदों के लिए चुनाव लड़ने से अयोग्य माना जाता था।

क्या हुआ बदलाव?

राज्य सरकार ने राजस्थान पंचायती राज अधिनियम और राजस्थान नगरपालिका अधिनियम में संशोधन का फैसला लिया है। संशोधन विधेयक को विधानसभा में पेश कर पारित किया जाएगा। इसके बाद यह नियम आगामी पंचायत और नगर निकाय चुनावों में लागू होगा।

सरकार का तर्क

सरकार का कहना है कि जब यह कानून बनाया गया था तब जनसंख्या वृद्धि दर अधिक थी, लेकिन अब राज्य की कुल प्रजनन दर (TFR) में काफी गिरावट आई है। बदलती सामाजिक परिस्थितियों और लोकतांत्रिक भागीदारी को बढ़ावा देने के उद्देश्य से यह रोक हटाई गई है।

क्या होगा असर?

  • पहले जो लोग दो से अधिक बच्चों के कारण चुनाव नहीं लड़ पाते थे, अब उन्हें मौका मिलेगा।
  • ग्रामीण और शहरी राजनीति में नए चेहरे सामने आ सकते हैं।
  • चुनावी समीकरण और रणनीतियों में बदलाव संभव है।

राजनीतिक प्रतिक्रिया

जहां सरकार ने इसे लोकतांत्रिक अधिकारों का विस्तार बताया है, वहीं विपक्ष ने इस फैसले पर सवाल उठाते हुए इसे राजनीतिक लाभ से जोड़कर देखा है।

निष्कर्ष

राजस्थान में पंचायत और निकाय चुनावों की दिशा में यह बड़ा बदलाव माना जा रहा है। लगभग तीन दशक बाद हटाई गई यह पाबंदी आने वाले चुनावों में नई तस्वीर पेश कर सकते हैं।

Tara Chand Khoydawal

संस्थापक:- मजदूर विकास फाउंडेशन,संपादक:- प्रगति न्यूज़,लेखक, न्यूज़ के लिए सम्पर्क करें 8503000882

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