सभी ग्राम पंचायत में दुग्ध सहकारी समिति बनवाने के निर्देश
खैरथल-तिजारा, 5 जनवरी। अतिरिक्त जिला कलेक्टर शिवपाल जाट की अध्यक्षता में जिला सचिवालय खैरथल-तिजारा में साप्ताहिक समीक्षा, जिला सहकारिता विकास समिति एंव राष्ट्रीय सड़क सुरक्षा माह के आयोजन के संबंध में बैठक का आयोजन किया गया।
बैठक के दौरान अतिरिक्त जिला कलक्टर ने एमपी जनसुनवाई में आए परिवादों की समीक्षा, बिजली, पानी सार्वजनिक आवश्यक सेवाओं की सूचारू रूप से आपूर्ति, केंद्र की विभागीय फ्लैगशिप योजना एवं समीक्षा बैठकों की अनुपालना रिपोर्ट, सम्पर्क पोर्टल की वर्तमान स्थिति एवं प्रगति की विभागवार समीक्षा की। अतिरिक्त जिला कलेक्टर ने संपर्क पोर्टल की विभागवार समीक्षा करते हुए कहा कि अधिकारी शिकायतों को लेकर ना बैठे उनका निस्तारण कर आमजन को लाभान्वित करें।
जिला सहकारिता विकास समिति की मासिक बैठक के दौरान अतिरिक्त जिला कलेक्टर ने एमडी सरस को बची हुई ग्राम पंचायत में दुग्ध सहकारी समिति बनवाने हेतु आवश्यक निर्देश दिए। सहायक निदेशक सहकारिता विभाग वेद प्रकाश सैनी ने बताया कि बताया कि जिले में लगभग 524 दुग्ध सहकारी समिति पंजीकृत है जिसमें से लगभग 353 सहकारी समिति वर्तमान में क्रियाशील है, जिस पर अतिरिक्त जिला कलेक्टर ने निष्क्रिय सहकारी समितियां को सक्रिय बनाने के निर्देश दिए।
बैठक के दौरान अतिरिक्त जिला कलेक्टर ने जिले में "सीख से सुरक्षा-तकनीक से परिवर्तन" थीम पर चल रहे राष्ट्रीय सड़क सुरक्षा माह में सड़क दुर्घटनाओं की रोकथाम, यातायात व्यवस्था सुदृढ़ करने तथा आमजन में सड़क सुरक्षा के प्रति जागरूकता बढ़ाने को लेकर विभिन्न विभागों द्वारा किए जा रहे कार्यों की विस्तृत समीक्षा की।
अतिरिक्त जिला कलेक्टर ने कहा कि सड़क सुरक्षा केवल एक विभाग की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि सभी संबंधित विभागों के समन्वित प्रयासों से ही दुर्घटनाओं में कमी लाई जा सकती है। उन्होंने सार्वजनिक निर्माण विभाग (PWD), परिवहन विभाग, पुलिस विभाग तथा चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग को आपसी समन्वय के साथ कार्य करने के निर्देश दिए।
सार्वजनिक निर्माण विभाग (PWD) को ब्लैक स्पॉट चिन्हित कर उनके त्वरित सुधार, सड़क मरम्मत, साइनेज, रोड मार्किंग, रिफ्लेक्टर एवं स्पीड ब्रेकर मानकों के अनुसार लगाने के निर्देश दिए गए। परिवहन विभाग को वाहनों की नियमित जांच, फिटनेस, ओवरलोडिंग पर नियंत्रण, हेलमेट व सीट बेल्ट के उपयोग को सख्ती से लागू करने तथा जागरूकता शिविर आयोजित करने को कहा गया। पुलिस विभाग को यातायात नियमों के पालन की सख्त निगरानी, ड्रंक एंड ड्राइव के विरुद्ध विशेष अभियान, स्कूलों एवं संवेदनशील क्षेत्रों में यातायात व्यवस्था मजबूत करने के निर्देश दिए गए।
चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग को दुर्घटना पीड़ितों को त्वरित चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने, एंबुलेंस रिस्पांस टाइम सुधारने तथा ट्रॉमा केयर व्यवस्था सुदृढ़ करने के निर्देश दिए गए।
अतिरिक्त जिला कलेक्टर ने राष्ट्रीय सड़क सुरक्षा माह के दौरान जन-जागरूकता अभियानों, विद्यालयों व महाविद्यालयों में कार्यक्रम, रैलियों, कार्यशालाओं तथा डिजिटल माध्यमों से प्रचार-प्रसार को और प्रभावी बनाने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि तकनीक के उपयोग, जैसे सीसीटीवी, ई-चालान प्रणाली और डेटा आधारित निगरानी से सड़क सुरक्षा में सकारात्मक परिवर्तन लाया जा सकता है।
बैठक के दौरान अतिरिक्त मुख्य कार्यकारी अधिकारी रामदयाल, कोषाधिकारी सुरेश कुमार बंसल, अभियंता पीएचईडी धर्मवीर यादव, अधिशासी अभियंता सार्वजनिक निर्माण विभाग ओमप्रकाश किराड, उपनिदेशक पशुपालन विभाग हवा सिंह जाट, सहायक अभियंता बिजली विभाग भीम सिंह, एसीएफ वन विभाग संजय चौधरी, नगर परिषद सहायक अभियंता भूपेंद्र, पुलिस, कृषि, वन, शिक्षा, सहित अन्य विभाग के अधिकारी मौजूद रहे।


