हिंदी की अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सशक्त और समर्द्ध भाषा के रूप में पहचान स्थापित : अभिनव शर्मा

मुण्डावर उपखण्ड स्थित इंद्रप्रस्थ महिला महाविद्यालय में एनएसएस यूनिट और रेड रिबन क्लब के संयुक्त तत्वावधान और कार्यक्रम प्रभारी शिक्षाविद अभिनव शर्मा के निर्देशन में विश्व हिंदी दिवस के उपलक्ष्य में एक दिवसीय संगोष्ठी का आयोजन किया गया। संगोष्ठी को संबोधित करते हुए शिक्षाविद एवं गांधीवादी विचारक डॉ. डी. आर. शर्मा ने कहा कि हिंदी हमारी राष्ट्रभाषा है। विश्व के अधिकांश देशों में हिंदी को पढ़ाया और सिखाया जाता है। विश्व हिन्दी दिवस प्रति वर्ष 10 जनवरी को मनाया जाता है। इसका मुख्य उद्देश्य विश्व में हिन्दी के प्रचार-प्रसार के लिए जागरूकता उत्पन्न करना तथा हिन्दी को अन्तरराष्ट्रीय भाषा के रूप में प्रस्तुत करना है। सभी सरकारी और निजी कार्यालयों में विभिन्न विषयों पर हिन्दी में व्याख्यान आयोजित किए जाते हैं। सहायक प्रोफेसर डॉ. प्रेमलता शर्मा ने कहा कि विश्व में हिन्दी का विकास करने और इसे प्रचारित-प्रसारित करने के उद्देश्य से विश्व हिन्दी सम्मेलनों की शुरुआत की गई और प्रथम विश्व हिन्दी सम्मेलन 10 जनवरी 1975 को नागपुर में आयोजित किया गया था। इस अवसर पर अनेक छात्राओं और स्वयंसेविकाओं के द्वारा हिंदी की महत्ता पर अपने विचार रखे गए।

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