नई दिल्ली, 6 जनवरी । राष्ट्रीय राजमार्ग–919 पर भिवाड़ी–धारूहेड़ा क्षेत्र में लंबे समय से चली आ रही जलभराव की समस्या के समाधान को लेकर एक उच्चस्तरीय बैठक माननीय श्री नितिन गडकरी, केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री की अध्यक्षता में आयोजित की गई। बैठक में माननीय श्री भजनलाल शर्मा, मुख्यमंत्री राजस्थान; माननीय श्री भूपेंद्र यादव, केंद्रीय पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री; माननीय श्री राव इंद्रजीत सिंह, केंद्रीय मंत्री; माननीय श्री राव नरबीर सिंह, पर्यावरण मंत्री, हरियाणा सरकार तथा माननीय श्री सुरेश रावत, जल संसाधन मंत्री, राजस्थान सरकार उपस्थित रहे।
बैठक में घरेलू सीवरेज जल एवं वर्षा जल के प्रबंधन पर व्यापक चर्चा की गई। यह निर्णय लिया गया कि भिवाड़ी का घरेलू अपशिष्ट जल 34 एमएलडी क्षमता के एसटीपी के माध्यम से उपचारित किया जाएगा, जो मार्च 2026 तक क्रियाशील हो जाएगा। वहीं औद्योगिक अपशिष्ट जल का उपचार 6 एमएलडी क्षमता के सीईटीपी द्वारा किया जाएगा, जिसे हाल ही में ज़ीरो लिक्विड डिस्चार्ज (ZLD) मानकों के अनुरूप उन्नत किया गया है। एसटीपी के शोधित जल को पाइपलाइन द्वारा सराय खुर्द बांध ले जाया जायेगा, जहाँ से इस जल को सिंचाई के लिए किसानों द्वारा एवं उद्योगों द्वारा पुन: उपयोग किया जा सकेगा।
यह भी निर्णय हुआ कि केवल स्वच्छ जल मानकों पर खरा उतरने वाला उपचारित जल ही मसानी बैराज में प्रवाहित किया जाएगा। राजस्थान एवं हरियाणा सरकारें संयुक्त रूप से जल की गुणवत्ता की निगरानी करेंगी।
माननीय श्री नितिन गडकरी जी ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि जलभराव की समस्या के स्थायी समाधान हेतु लगभग 6 किलोमीटर लंबी ड्रेन के निर्माण के लिए एक समग्र अध्ययन कराया जाए, जिसकी अनुमानित लागत लगभग ₹150 करोड़ होगी। इसमें राजस्थान और हरियाणा सरकारें ₹25–₹25 करोड़ का योगदान देंगी तथा शेष राशि एनएचएआई द्वारा वहन की जाएगी। बैठक में ही माननीय मुख्यमंत्री, राजस्थान ने ₹25 करोड़ की राशि देने की सहमति प्रदान की।
इस अवसर पर अलवर के माननीय सांसद ने माननीय श्री नितिन गडकरी जी एवं माननीय मुख्यमंत्री राजस्थान का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि उनके नेतृत्व में भिवाड़ी की वर्षों पुरानी जलभराव समस्या के समाधान की दिशा में ऐतिहासिक और ठोस निर्णय लिया गया है, जिससे आमजन, यात्रियों एवं औद्योगिक क्षेत्र को बड़ी राहत मिलेगी।


