प्रगति न्यूज़ विशेष रिपोर्ट, खैरथल-तिजारा, मुण्डावर (बनेठी रोड) लोकतंत्र में शिकायतकर्ता की आवाज़ को सुनना और समयबद्ध समाधान देना प्रशासन की संवैधानिक जिम्मेदारी होती है, लेकिन खैरथल-तिजारा जिले के मुण्डावर नगरपालिका क्षेत्र अंतर्गत बनेठी रोड पर यह जिम्मेदारी कागज़ों में सिमटती नजर आ रही है।
शिकायतकर्ता द्वारा बार-बार अवैध जल कनेक्शनों की शिकायत किए जाने के बावजूद संबंधित अधिकारियों द्वारा कोई ठोस मैदानी कार्रवाई नहीं की गई। उल्टा, अधिकारियों ने यह कहकर शिकायत को आंशिक रूप से बंद करने का प्रयास किया कि “निर्धारित समय-सीमा में कार्रवाई संभव नहीं है”।
बड़ा सवाल: क्या अधिकारियों के पास जनता के लिए समय नहीं?
जब एक ओर संविधान नागरिकों को मूलभूत सुविधाओं का अधिकार देता है, वहीं दूसरी ओर जिम्मेदार अधिकारी “समय के अभाव” का तर्क देकर अपनी जवाबदेही से बचते दिखाई दे रहे हैं।
क्या यह प्रशासनिक लापरवाही नहीं?
क्या अधिकारी अपनी जिम्मेदारियों से पीछा छुड़ाना चाहते हैं?
या फिर किसी प्रभावशाली वर्ग के दबाव में अवैध कनेक्शनों पर कार्रवाई से बचा जा रहा है?
अवैध कनेक्शन, सूखी टंकियां और परेशान जनता
स्थानीय लोगों का कहना है कि क्षेत्र में बड़ी संख्या में अवैध जल कनेक्शन होने के कारण वैध उपभोक्ताओं तक पानी नहीं पहुंच पा रहा।
संतुष्टि देना भी प्रशासन की जिम्मेदारी
यह प्रश्न भी महत्वपूर्ण है कि
👉 क्या अधिकारी की जिम्मेदारी केवल फाइल में टिप्पणी करना है?
👉 या फिर शिकायतकर्ता को संतुष्ट करना भी उसका कर्तव्य है?
शिकायत को “Not Feasible” बताकर बंद करना न तो समस्या का समाधान है और न ही प्रशासनिक उत्तरदायित्व की पूर्ति।
जनता में आक्रोश, उच्च अधिकारियों से हस्तक्षेप की मांग
क्षेत्रवासियों में इस रवैये को लेकर रोष व्याप्त है। लोगों ने मांग की है कि:
शिकायतकर्ता द्वारा बार-बार अवैध जल कनेक्शनों की शिकायत किए जाने के बावजूद संबंधित अधिकारियों द्वारा कोई ठोस मैदानी कार्रवाई नहीं की गई। उल्टा, अधिकारियों ने यह कहकर शिकायत को आंशिक रूप से बंद करने का प्रयास किया कि “निर्धारित समय-सीमा में कार्रवाई संभव नहीं है”।
बड़ा सवाल: क्या अधिकारियों के पास जनता के लिए समय नहीं?
जब एक ओर संविधान नागरिकों को मूलभूत सुविधाओं का अधिकार देता है, वहीं दूसरी ओर जिम्मेदार अधिकारी “समय के अभाव” का तर्क देकर अपनी जवाबदेही से बचते दिखाई दे रहे हैं।
क्या यह प्रशासनिक लापरवाही नहीं?
क्या अधिकारी अपनी जिम्मेदारियों से पीछा छुड़ाना चाहते हैं?
या फिर किसी प्रभावशाली वर्ग के दबाव में अवैध कनेक्शनों पर कार्रवाई से बचा जा रहा है?
अवैध कनेक्शन, सूखी टंकियां और परेशान जनता
स्थानीय लोगों का कहना है कि क्षेत्र में बड़ी संख्या में अवैध जल कनेक्शन होने के कारण वैध उपभोक्ताओं तक पानी नहीं पहुंच पा रहा।
- नियमित आपूर्ति बाधित है
- महिलाओं, बुजुर्गों और बच्चों को भारी परेशानी हो रही है
- गर्मी के मौसम में हालात और भी भयावह हो सकते हैं
संतुष्टि देना भी प्रशासन की जिम्मेदारी
यह प्रश्न भी महत्वपूर्ण है कि
👉 क्या अधिकारी की जिम्मेदारी केवल फाइल में टिप्पणी करना है?
👉 या फिर शिकायतकर्ता को संतुष्ट करना भी उसका कर्तव्य है?
शिकायत को “Not Feasible” बताकर बंद करना न तो समस्या का समाधान है और न ही प्रशासनिक उत्तरदायित्व की पूर्ति।
जनता में आक्रोश, उच्च अधिकारियों से हस्तक्षेप की मांग
क्षेत्रवासियों में इस रवैये को लेकर रोष व्याप्त है। लोगों ने मांग की है कि:
- मामले की उच्च स्तरीय जांच हो
- स्वतंत्र स्थल निरीक्षण कराया जाए
- अवैध जल कनेक्शनों पर तत्काल कार्रवाई हो
- जिम्मेदार अधिकारियों की जवाबदेही तय की जाए
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