राजस्थान हाईकोर्ट का बड़ा फैसला: पहाड़ों की सुरक्षा के लिए नई नीति को दी मंजूरी


जयपुर | 31 मई 2025, 
राजस्थान हाईकोर्ट ने प्रदेश की प्राकृतिक धरोहरों और पर्यावरण संरक्षण की दिशा में ऐतिहासिक कदम उठाते हुए पहाड़ियों की सुरक्षा के लिए एक अहम निर्णय लिया है। कोर्ट ने राज्य सरकार की नई हिल पॉलिसी को मंजूरी दी है, जिसके तहत अब 15 डिग्री से अधिक ढलान वाली पहाड़ियों पर किसी भी प्रकार का निर्माण कार्य पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगा।

इस निर्णय के तहत राज्य के सभी पहाड़ी क्षेत्रों—विशेषकर पर्यावरणीय दृष्टि से संवेदनशील शहर जैसे उदयपुर, माउंट आबू और अन्य पर्वतीय इलाकों—में यह नीति लागू की जाएगी। हाईकोर्ट का यह आदेश राज्य की तेजी से घटती हरियाली और बढ़ते अवैध निर्माणों को देखते हुए दिया गया है।

राज्य सरकार द्वारा जल्द ही इस नई नीति को गजट में अधिसूचित किया जाएगा, जिसके बाद यह कानून तत्काल प्रभाव से लागू हो जाएगा। नीति का उद्देश्य न केवल पहाड़ियों की प्राकृतिक संरचना को सुरक्षित रखना है, बल्कि भू-स्खलन, जलस्रोतों के क्षरण और जैव विविधता को हो रहे नुकसान को भी रोकना है।

पर्यावरणविदों और सामाजिक संगठनों ने इस निर्णय का स्वागत किया है। उनका कहना है कि यह कदम आने वाली पीढ़ियों के लिए एक हरा-भरा और संतुलित पर्यावरण सुनिश्चित करने की दिशा में एक मजबूत पहल है।

क्या है नई हिल पॉलिसी के मुख्य बिंदु:

  • 15 डिग्री से अधिक ढलान वाली पहाड़ियों पर निर्माण पूर्णतः वर्जित
  • सभी पर्वतीय क्षेत्रों में एक समान नीति लागू
  • गजट नोटिफिकेशन के बाद तत्काल प्रभाव से लागू
  • पर्यावरण संरक्षण को मिलेगा कानूनी संरक्षण

यह फैसला न केवल पर्यावरण की दृष्टि से महत्वपूर्ण है, बल्कि यह राज्य में विकास और संरक्षण के बीच संतुलन स्थापित करने की दिशा में भी एक मिसाल बन सकता है।



1 Comments

Post a Comment

Previous Post Next Post