जिला कलेक्टर ने योजना के तहत गत वर्ष किए गए कार्यों का मूल्यांकन कर आगामी वर्ष के लिए बेहतर कार्य योजना तैयार करने के निर्देश दिए। उन्होंने खेल, वन एवं पर्यटन विभाग को एक जिला–एक खेल, एक जिला–एक वनस्पति, एक जिला–एक पर्यटन स्थल, एक जिला–एक उत्पाद एवं एक जिला–एक उपज की अवधारणा के अनुरूप कार्यों की गुणवत्ता सुनिश्चित करने तथा स्वयं मॉनिटरिंग करने के निर्देश दिए।
उन्होंने पर्यटन विभाग को पंच गौरव योजना के अंतर्गत स्थापित साइनेज बोर्डों का निरीक्षण करने तथा तिजारा जैन मंदिर के विकास के लिए आगामी वर्ष की विस्तृत कार्य योजना तैयार करने के निर्देश दिए। वहीं कृषि विभाग को एक जिला–एक उपज के तहत चयनित प्याज फसल में किसानों की आय बढ़ाने के लिए प्रोसेसिंग प्लांट जैसे नवाचार विकल्प तलाशने और ठोस योजना बनाने के निर्देश दिए।
इसके साथ ही जिला कलेक्टर ने सभी विभागों को पंच गौरव योजना के व्यापक प्रचार-प्रसार पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए, ताकि जिले की विशिष्ट पहचान, सांस्कृतिक विरासत, खेल प्रतिभा, वन संपदा एवं पर्यटन स्थलों की जानकारी राज्य एवं राष्ट्रीय स्तर पर अधिकाधिक लोगों तक पहुंचाई जा सके।
बैठक में अतिरिक्त जिला कलेक्टर शिवपाल जाट, उपनिदेशक सांख्यिकी विभाग उदयभान मीणा, कोषाधिकारी सुरेश कुमार बंसल, सहायक निदेशक उद्यानिकी गोपाल मीणा, सहायक निदेशक पर्यटन टीना यादव, एसीएफ वन विभाग संजय, खेल विभाग की अंजना शर्मा सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।
