कैंडल मार्च रामलीला चबूतरे से शुरू होकर कस्बे के प्रमुख मार्गों से होते हुए गुजरा। हाथों में मोमबत्तियां लेकर मार्च में शामिल युवाओं ने आरोपी की गिरफ्तारी और पॉक्सो एक्ट के तहत कठोर कानूनी कार्रवाई की मांग की। प्रदर्शनकारियों ने बेटियों की सुरक्षा, सम्मान और पीड़िता को न्याय दिलाने की मांग भी उठाई।
क्या है पूरा मामला?
मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, 27 सितंबर को स्कूल प्रबंधन की ओर से विद्यार्थियों को पिकनिक के लिए एक वाटर पार्क ले जाया गया था। रिपोर्ट में आरोप लगाया गया है कि वहां विद्यालय के निदेशक ने नशे की हालत में नाबालिग छात्रा के साथ छेड़खानी और बैड टच किया।
परिजनों का आरोप है कि छात्रा ने घटना की जानकारी मौके पर मौजूद शिक्षकों को दी, लेकिन उसकी शिकायत पर तत्काल कार्रवाई नहीं की गई। घर पहुंचने के बाद सहमी हुई छात्रा ने अपनी बड़ी बहन को घटना की जानकारी दी, जिसके बाद परिजन थाने पहुंचे और शिकायत दर्ज कराई।
पुलिस ने मामले में पॉक्सो एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। कैंडल मार्च के दौरान युवाओं ने पुलिस से मामले की निष्पक्ष जांच कर आरोपी के खिलाफ कानून के तहत कड़ी कार्रवाई करने की मांग की।
मामले में लगाए गए आरोपों की पुष्टि जांच और न्यायिक प्रक्रिया के माध्यम से होगी। नाबालिग पीड़िता की पहचान सार्वजनिक नहीं की गई है।

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