कृषि आयुक्त नरेश कुमार गोयल के अनुसार, अभियान के दौरान प्रदेश में 59,712 मृदा स्वास्थ्य कार्ड वितरित किए गए, जबकि 4 लाख 64 हजार से अधिक किसानों को कृषि विभाग की योजनाओं और गतिविधियों की जानकारी दी गई।
मृदा स्वास्थ्य कार्ड वितरण में सवाई माधोपुर में 6,685, करौली में 5,117, नागौर में 3,532, डीडवाना-कुचामन में 2,718 और झुंझुनू में 2,522 कार्ड वितरित किए गए। वहीं योजनाओं की जानकारी से लाभान्वित किसानों में सवाई माधोपुर 40,473, जयपुर 32,340, जोधपुर 26,370, भीलवाड़ा 20,304 और सिरोही 18,371 किसान शामिल हैं।
मृदा स्वास्थ्य कार्ड के माध्यम से खेत की मिट्टी में उपलब्ध पोषक तत्वों की स्थिति की जांच की जाती है। इसमें नाइट्रोजन, फास्फोरस, पोटाश, सल्फर, जिंक, आयरन, कॉपर, मैंगनीज, बोरॉन, पीएच, विद्युत चालकता और ऑर्गेनिक कार्बन सहित 12 मानकों की जांच होती है। जांच के आधार पर फसल के लिए आवश्यक उर्वरक एवं पोषक तत्वों के उपयोग की सलाह दी जाती है।
कृषि विभाग के अनुसार, अभियान का उद्देश्य किसानों को उनकी जरूरत के अनुसार वैज्ञानिक कृषि पद्धतियों और सरकारी योजनाओं से जोड़ना है। ‘विकसित भारत–जन सेवा अभियान’ 17 सितंबर से 17 अक्टूबर 2026 तक जारी रहेगा।
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