खैरथल-तिजारा | मुंडावर, कोटकासिम थाना क्षेत्र से जुड़े एक आपराधिक प्रकरण में न्यायालय ने आरोपी को जमानत प्रदान की है। यह आदेश अपर जिला एवं सत्र न्यायालय संख्या-1, किशनगढ़बास (खैरथल-तिजारा) द्वारा पारित किया गया। प्रकरण में आरोपी की ओर से एडवोकेट अजय चौधरी, उपाध्यक्ष बार अधिवक्ता बार एसोसिएशन मुण्डावर ने न्यायालय के समक्ष प्रभावी एवं संवैधानिक पैरवी प्रस्तुत की।
न्यायालयीन अभिलेखों के अनुसार यह मामला एफआईआर संख्या 16/2026, थाना कोटकासिम से संबंधित है। इसमें आरोपी सन्नी कटारिया को भारतीय न्याय संहिता एवं आर्म्स एक्ट की विभिन्न धाराओं के अंतर्गत अभियुक्त बनाया गया था। अभियोजन पक्ष द्वारा बरामदगी व पूर्व मामलों का उल्लेख किया गया, जबकि बचाव पक्ष ने न्यायालय के समक्ष यह तर्क रखा कि आरोपी अभी विचाराधीन है, दोष सिद्ध नहीं हुआ है तथा वह जांच में सहयोग कर चुका है।
एडवोकेट अजय चौधरी ने संविधान के अनुच्छेद 21 के तहत व्यक्तिगत स्वतंत्रता, जमानत को नियम और कारावास को अपवाद बताते हुए न्यायालय का ध्यान उच्च न्यायालय एवं सर्वोच्च न्यायालय द्वारा स्थापित विधिक सिद्धांतों की ओर आकर्षित किया। साथ ही यह भी कहा गया कि मामले में लंबी न्यायिक प्रक्रिया की संभावना है।
दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद न्यायालय ने आरोपी सन्नी कटारिया को नियमानुसार सशर्त जमानत प्रदान करने का आदेश पारित किया। न्यायालय ने आदेश में यह भी स्पष्ट किया कि आरोपी को जमानत की शर्तों का पालन करना होगा तथा भविष्य में किसी भी अवैधानिक गतिविधि में संलिप्त नहीं होना होगा।
कानूनी विशेषज्ञों का मानना है कि यह आदेश भारतीय न्याय व्यवस्था में निष्पक्ष सुनवाई, विधि के शासन और संवैधानिक अधिकारों की पुष्टि करता है।
नोट: यह समाचार न्यायालयीन आदेश एवं उपलब्ध दस्तावेज़ों पर आधारित है। आरोपी को कानूनन दोषी तब तक नहीं माना जा सकता, जब तक सक्षम न्यायालय द्वारा दोष सिद्ध न हो।
