मामला मुंडावर उपखंड क्षेत्र के गांव टोडरपुर का है केंद्र सरकार की महत्वाकांक्षी प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना को लेकर मुंडावर में एक सनसनीखेज मामला सामने आया है श्री बालाजी एचपी गैस एजेंसी के तहत एक लाभार्थी को कागज पर तो गैस कनेक्शन आवंटित कर दिया गया लेकिन हकीकत में उन तक न सिलेंडर पहुँचा और न ही चूल्हा इस फर्जीवाड़े का खुलासा तब हुआ जब दो साल बाद लाभार्थी के पास अचानक ई-केवाईसी e-KYC करवाने का फोन आया क्या है पूरा मामला पीड़ित लाभार्थी सुरेश देवी HP BOOK नंबर 611557 का आरोप है कि उन्हें आज तक योजना का कोई लाभ नहीं मिला। जब वे फोन आने के बाद एजेंसी और रिकॉर्ड की जानकारी लेने पहुंचे तो पता चला कि उनके नाम पर कनेक्शन पहले से ही एक्टिव है चौंकाने वाली बात यह है कि बिना सिलेंडर प्राप्त किए रिकॉर्ड में लाभार्थी के नाम पर गैस जारी दिखाई जा रही है फर्जीवाड़े की आशंका कई और ग्रामीण हो सकते हैं शिकार ग्रामीणों का आरोप है कि यह केवल एक व्यक्ति का मामला नहीं है बल्कि एजेंसी के स्तर पर बड़ी धांधली हो सकती है। आशंका जताई जा रही है कि गरीबों के हक के सिलेंडर और चूल्हे कागजों में बांटकर उन्हें ऊंचे दामों पर कहीं और खपा दिया गया है बिना हस्ताक्षर कैसे हुई डिलीवरी सबसे बड़ा सवाल यह है कि लाभार्थी के बिना हस्ताक्षर और सत्यापन के सिलेंडर किसे डिलीवर कर दिया गया 2 साल तक कहां था रिकॉर्ड अब केवाईसी के दबाव के कारण एजेंसी लाभार्थियों से संपर्क कर रही है ताकि अपने रिकॉर्ड को कानूनी रूप से सही साबित कर सके।सुरेश देवी ने
प्रशासन से जांच की मांग
पीड़ितों ने जिला रसद अधिकारी DSO और उच्च अधिकारियों से मांग की है कि श्री बालाजी एचपी गैस एजेंसी के पिछले 3 सालों के रिकॉर्ड की निष्पक्ष जांच की जाए ग्रामीणों का कहना है कि यदि गहनता से जांच हुई तो मुंडावर क्षेत्र में उज्ज्वला योजना के तहत करोड़ों के घोटाले की परतें खुल सकती हैं
हमें आज तक सिलेंडर नहीं मिला फिर हमारे नाम पर कनेक्शन कैसे चालू है यह सीधे तौर पर फर्जीवाड़ा है और हम इसकी शिकायत ऊपर तक करेंगे पीड़ित लाभार्थी

