पंचायत समिति मुण्डावर क्षेत्र के ग्राम शिलगांव में अदालत में विचाराधीन एक प्रकरण को लेकर प्रशासनिक दबाव का मामला सामने आया है। ग्रामीणों का आरोप है कि लगभग 2 बीघा आबादी भूमि, जिस पर वर्षों से ग्रामवासी अपने घर-मकान बनाकर रह रहे हैं और संपत्ति का उपभोग कर रहे हैं, उसे तोड़ने के लिए ब्लॉक विकास अधिकारी (BDO) मुण्डावर द्वारा लगातार दबाव बनाया जा रहा है।
ग्रामीणों का कहना है कि यह मामला वर्तमान में न्यायालय में विचाराधीन है, ऐसे में किसी भी प्रकार की तोड़फोड़ या कार्रवाई न्यायिक प्रक्रिया का उल्लंघन है। इसके बावजूद कथित रूप से राजनैतिक दबाव में आकर प्रशासनिक स्तर पर ग्रामीणों को डराया-धमकाया जा रहा है, जिससे क्षेत्र में भय और असंतोष का माहौल बना हुआ है।
ग्रामीणों के अनुसार जिस भूमि पर कार्रवाई की बात की जा रही है, वह लंबे समय से आबादी क्षेत्र के रूप में दर्ज है और यहां पीढ़ियों से लोग निवास कर रहे हैं। कई परिवारों ने अपनी जीवन भर की पूंजी लगाकर मकान बनाए हैं। अचानक तोड़फोड़ की आशंका से ग्रामीणों के सामने रोज़ी-रोटी और आशियाने का संकट खड़ा हो गया है।
ग्रामीणों ने प्रशासन पर आरोप लगाया कि न्यायालय के निर्णय से पहले किसी भी प्रकार की कार्रवाई करना असंवैधानिक है। उन्होंने जिला प्रशासन से मांग की है कि जब तक अदालत का अंतिम फैसला नहीं आ जाता, तब तक किसी भी प्रकार की तोड़फोड़ या दबाव की कार्रवाई पर तत्काल रोक लगाई जाए।
ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि दबाव की नीति बंद नहीं की गई तो वे सामूहिक रूप से आंदोलन और कानूनी कदम उठाने को मजबूर होंगे।
