स्वर्गीय गणपतराम यादव ने अपना संपूर्ण जीवन समाज सेवा, शिक्षा, ग्रामीण विकास और जनकल्याण के लिए समर्पित किया। जयपुर स्थित श्रीकृष्ण छात्रावास (यादव छात्रावास) के लिए भूमि आवंटन एवं भवन निर्माण में उनकी महत्वपूर्ण भूमिका रही। उनके अथक प्रयासों का लाभ आज हजारों विद्यार्थी शिक्षा के रूप में प्राप्त कर रहे हैं।
उन्होंने अपने पैतृक गाँव उलाहेड़ी एवं आसपास के क्षेत्र के विकास में भी उल्लेखनीय योगदान दिया। उनके प्रयासों से गाँव में पक्की सड़क एवं नालियों का निर्माण हुआ, युवाओं के लिए खेल मैदान विकसित किया गया, बेटियों के लिए स्किल एवं कंप्यूटर प्रशिक्षण केंद्र की स्थापना हुई तथा बेहतर संचार सुविधा के लिए बीएसएनएल टॉवर स्थापित कराया गया। साथ ही ग्रामीणों को जाति प्रमाण पत्र, मूल निवास, आधार, पैन कार्ड, बैंकिंग एवं किसान सेवाएँ एक ही स्थान पर उपलब्ध कराने हेतु कॉमन सर्विस सेंटर (CSC) शुरू करवाने में भी उनका महत्वपूर्ण योगदान रहा।
स्वर्गीय श्री गणपतराम यादव सरल, विनम्र, दूरदर्शी एवं उदार व्यक्तित्व के धनी थे। समाज के प्रत्येक वर्ग के उत्थान के प्रति उनका समर्पण सदैव प्रेरणादायी रहेगा। उनका जीवन आने वाली पीढ़ियों के लिए सेवा, संघर्ष, ईमानदारी और समाजहित का आदर्श बना रहेगा।
