इस अवसर पर विद्यालय के छात्र-छात्राओं को निःशुल्क परिचय (आईडी) कार्ड वितरित किए गए, जिसे विद्यार्थियों के हित में श्री अमीलाल बौद्ध का अत्यंत सराहनीय योगदान बताया गया। साथ ही सभी विद्यार्थियों, शिक्षकों एवं विद्यालय स्टाफ के लिए भोजन की व्यवस्था भी की गई।
कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों को नशा मुक्ति, शिक्षा का महत्व, संवैधानिक अधिकार, गुरु पूर्णिमा का महत्व तथा बाबा साहब डॉ. भीमराव अंबेडकर के विचारों से अवगत कराया गया। ग्रामीणों एवं अभिभावकों को भी शिक्षा और कलम की ताकत का संदेश दिया गया।
कार्यक्रम की सबसे महत्वपूर्ण घोषणा करते हुए श्री अमीलाल बौद्ध ने विद्यालय के एक हॉल को गोद लेने का संकल्प लिया। उन्होंने कहा कि आने वाले समय में इस हॉल का व्यापक विकास एवं सौंदर्यीकरण कराया जाएगा, जिससे विद्यार्थियों को बेहतर शैक्षणिक वातावरण और आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध हो सकेंगी। इस घोषणा का विद्यालय परिवार, विद्यार्थियों एवं ग्रामीणों ने तालियों की गड़गड़ाहट के साथ स्वागत किया।
कार्यक्रम के अंत में सभी विद्यार्थियों के उज्ज्वल भविष्य की कामना करते हुए शिक्षा, सामाजिक जागरूकता और नैतिक मूल्यों को अपनाने का आह्वान किया गया। इस अवसर पर विद्यालय के प्रधानाध्यापक, शिक्षकगण, सोसाइटी के पदाधिकारी, अभिभावक एवं बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित रहे।

