संवादाता: संदीप यादव, मुंडावर नगर पालिका मुंडावर की कार्यप्रणाली पर इन दिनों गहरे सवालिया निशान खड़े हो रहे हैं कस्बे के मुख्य मार्ग पर वाटर सप्लाई का पानी जमा होना अब एक आम समस्या बन चुका है, लेकिन विडंबना यह है कि प्रशासन 'सब कुछ देखते हुए भी अनजान' बना हुआ है
जिम्मेदारों की नाक के नीचे बदहाली
ग्रामीणों में प्रशासन के खिलाफ भारी रोष व्याप्त है। स्थानीय निवासियों का कहना है कि इसी सड़क से रोजाना उपखंड अधिकारी SDM और तहसीलदार जैसे बड़े अधिकारियों की गाड़ियाँ गुजरती हैं। जनता का आरोप है कि जिन अधिकारियों के कंधों पर शहर की व्यवस्था सुधारने का जिम्मा है, उन्हें सड़क पर भरा यह गंदा पानी और कीचड़ दिखाई नहीं देता नौनिहालों के भविष्य पर 'कीचड़' की मार सबसे बदतर स्थिति स्कूली बच्चों की है सुबह-सुबह जब बच्चे साफ-सुथरी ड्रेस पहनकर उज्ज्वल भविष्य का सपना लिए स्कूल निकलते हैं तो उन्हें इस जलभराव का सामना करना पड़ता है
रोजाना के हादसे: पानी और फिसलन के कारण मासूम बच्चे आए दिन सड़क पर गिर जाते हैं मानसिक और शारीरिक परेशानी: कपड़े गंदे होने के कारण बच्चों को या तो वापस घर लौटना पड़ता है या फिर उसी गंदी ड्रेस में स्कूल बैठने को मजबूर होना पड़ता है यह बेहद शर्मनाक है कि जिस रास्ते से शासन और प्रशासन गुजरता है, वहां बच्चे कीचड़ में गिर रहे हैं क्या प्रशासन किसी बड़े हादसे का इंतजार कर रहा है एक स्थानीय ग्रामीण मुख्य समस्याएं जल निकासी का अभाव: वाटर सप्लाई की लीकेज या निकासी की सही व्यवस्था न होना प्रशासनिक उदासीनता: अधिकारियों का रोज उसी मार्ग से गुजरना लेकिन संज्ञान न लेना स्वास्थ्य का खतरा: ठहरे हुए पानी से मच्छरों का पनपना और बीमारियों का खतरा मुंडावर की जनता अब केवल आश्वासन नहीं बल्कि समाधान चाहती है। क्या नगर पालिका और आला अधिकारी अपनी नींद से जागेंगे या स्कूली बच्चे इसी तरह कीचड़ में गिरकर अपनी शिक्षा जारी रखने को मजबूर रहेंगे
