इस भव्य आयोजन की जिम्मेदारी बल्लूवास गांव के समस्त ग्रामीणों ने मिलकर संभाली। गांव के हर घर से मिले सहयोग ने कार्यक्रम को ऐतिहासिक रूप दे दिया। सुबह से ही मंदिर परिसर में विशेष पूजा-अर्चना का आयोजन हुआ, जहां संतों के बताए मार्ग पर चलने का संकल्प लिया गया।
कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण रहा रागिनी कंपटीशन, जिसमें क्षेत्र के नामी कलाकारों ने भाग लिया। कलाकारों ने अपनी सशक्त प्रस्तुतियों के माध्यम से धार्मिक और सामाजिक संदेशों को प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत किया, जिससे श्रोता देर शाम तक मंत्रमुग्ध नजर आए।
कार्यक्रम के समापन पर विशाल भंडारे का आयोजन किया गया, जिसमें सभी श्रद्धालुओं और अतिथियों ने प्रसादी ग्रहण की। ग्रामीणों ने बताया कि श्री सीताराम दास जी महाराज की प्रथम पुण्यतिथि होने के कारण सभी की भावनाएं विशेष रूप से जुड़ी रहीं और यह आयोजन उनके प्रति अटूट श्रद्धा का प्रतीक बना।
