कैसे करते हैं ठगी?
पुलिस के अनुसार, साइबर ठग चोरी किए गए दस्तावेजों और बायोमेट्रिक डेटा का दुरुपयोग करके किसी व्यक्ति की जानकारी के बिना उसके नाम पर अतिरिक्त सिम कार्ड जारी करवा लेते हैं। इसके बाद इन सिम का इस्तेमाल ऑनलाइन भुगतान एप्लीकेशन और फर्जी बैंक खातों को संचालित करने में किया जाता है। ठगी की रकम इन खातों में भेजकर आगे स्थानांतरित कर दी जाती है, जिससे धनराशि के वास्तविक स्रोत तक पहुंचना एजेंसियों के लिए चुनौतीपूर्ण हो जाता है। इसके अलावा, ठग बैंक स्टेटमेंट, आरबीआई अनुपालन, आयकर या कस्टम विभाग के नाम पर ई-मेल भेजकर जिप (ZIP) फाइल डाउनलोड करवा लेते हैं, जिससे मोबाइल या कंप्यूटर मैलवेयर से संक्रमित हो जाता है और चैट, पासवर्ड, महत्वपूर्ण दस्तावेज चोरी हो जाते हैं।
घर बैठे ऐसे जांचें अपने नाम पर कितने सिम हैं:
पुलिस ने आमजन से अपील की है कि वे भारत सरकार के आधिकारिक संचार साथी पोर्टल पर जाकर अपने नाम पर जारी मोबाइल कनेक्शन की जानकारी प्राप्त करें।
· संचार साथी पोर्टल खोलें।
- 'Know Mobile Connections in Your Name' (TAF-COP) विकल्प पर जाएं।
- अपना मोबाइल नंबर दर्ज कर OTP से सत्यापन करें
- स्क्रीन पर आपके नाम पर जारी सभी मोबाइल कनेक्शन की सूची प्रदर्शित होगी।
- सूची में प्रत्येक नंबर की सावधानीपूर्वक जांच करें। यदि कोई ऐसा नंबर दिखाई दे जो आपका नहीं है, तो पोर्टल के माध्यम से उसे तुरंत Report/Disconnect करें।
अनजान नंबर मिलने पर तुरंत उठाएं ये कदम:
यदि आपके नाम पर कोई ऐसा मोबाइल नंबर जारी मिलता है जिसका आपने कभी उपयोग नहीं किया, तो तत्काल संचार साथी पोर्टल पर उसकी रिपोर्ट करें। साथ ही संबंधित टेलीकॉम कंपनी के ग्राहक सेवा केंद्र से संपर्क कर इसकी जानकारी दें। यदि मामला साइबर धोखाधड़ी से जुड़ा है, तो संबंधित एसएमएस, स्क्रीनशॉट, ई-मेल, चैट और लेन-देन से संबंधित रिकॉर्ड सुरक्षित रखें, क्योंकि यह जांच में महत्वपूर्ण साक्ष्य हो सकते हैं।
सिम और केवाईसी के दौरान बरतें सावधानियां:
- सिम कार्ड केवल अधिकृत टेलीकॉम आउटलेट से ही खरीदें।
- केवाईसी या सत्यापन के दौरान अपने मोबाइल फोन का नियंत्रण किसी अनजान व्यक्ति को न दें।
- बिना स्पष्ट कारण बार-बार बायोमेट्रिक सत्यापन कराने से बचें।
- ओटीपी, पिन और अन्य गोपनीय जानकारी किसी से साझा न करें।
- आधार, पैन या अन्य पहचान दस्तावेज अनजान व्यक्तियों के साथ साझा न करें।
- समय-समय पर मोबाइल और एसएमएस अलर्ट की जांच करते रहें।
- सिम और केवाईसी से संबंधित दस्तावेज एवं रसीद सुरक्षित रखें।
- किसी अन्य व्यक्ति के इस्तेमाल के लिए अपने नाम पर कभी भी सिम कार्ड जारी न करवाएं।
साइबर ठगी होने पर तुरंत करें शिकायत:
यदि आपके नाम पर फर्जी सिम जारी होने, दस्तावेजों के दुरुपयोग या साइबर ठगी का संदेह हो, तो तत्काल निकटतम पुलिस थाने या साइबर पुलिस थाने में सूचना दें। साइबर अपराध की शिकायत राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल cybercrime.gov.in पर भी की जा सकती है। आर्थिक साइबर धोखाधड़ी होने पर तुरंत राष्ट्रीय साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 या साइबर हेल्पडेस्क नंबर 9256001930 / 9257510100 पर कॉल करें।
जिला पुलिस खैरथल-तिजारा की ओर से जारी इस एडवाइजरी में कहा गया है कि सतर्कता ही साइबर अपराध से बचाव का सबसे प्रभावी माध्यम है। आमजन से अपील की गई है कि वे अपने नाम पर जारी मोबाइल कनेक्शन की नियमित जांच करें और किसी भी अनजान नंबर की जानकारी मिलने पर तत्काल रिपोर्ट करें।

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