कार्यक्रम को संबोधित करते हुए एमिड संस्थान के सचिव नूरमोहम्मद ने बताया कि संस्था पिछले 25 वर्षों से मेवात क्षेत्र में बालिका शिक्षा को बढ़ावा देने का कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि अब तक संस्था लगभग 18,000 बालिकाओं को शिक्षा की मुख्यधारा से जोड़ चुकी है। उन्होंने बताया कि गांव-गांव आयोजित हो रहे इन शिक्षा जन सम्मेलनों से बालिकाओं के साथ-साथ उनके अभिभावकों में भी जागरूकता बढ़ रही है और वे समझने लगे हैं कि बालिका शिक्षा जीवन में कितनी आवश्यक है।
मेवात शिक्षा पंचायत के सदस्य फारूख ने बताया कि उनके गांव में आयोजित सम्मेलन से ग्रामीणों को काफी लाभ मिला है। कार्यक्रम में गांव की महिलाओं और बालिकाओं ने सक्रिय भागीदारी की तथा शिक्षा के प्रति सकारात्मक सोच विकसित हुई।
एमिड संस्थान के मैनेजिंग डायरेक्टर शाहरुख नूर ने बताया कि संस्था किशनगढ़ बास के 25 गांवों में कार्य कर रही है और प्रतिदिन किशोरी बालिका शिक्षा जन सम्मेलन आयोजित किए जा रहे हैं। उन्होंने बताया कि जो बालिकाएं किसी कारणवश शिक्षा की मुख्यधारा से वंचित रह जाती हैं, उनका सर्वे कर उन्हें ओपन स्कूल के माध्यम से 10वीं और 12वीं के फॉर्म भरवाए जाते हैं। साथ ही गांव-गांव में बालिका शिक्षा केंद्र खोले गए हैं, जहां शिक्षा मित्रों द्वारा उन्हें पढ़ाया जाता है।
संस्थान की डिप्टी डायरेक्टर आशा नारंग ने बताया कि एमिड संस्थान लगातार गांवों में जाकर बालिकाओं को शिक्षा के प्रति जागरूक कर रहा है, जिससे समाज में सकारात्मक परिवर्तन देखने को मिल रहा है।
इस अवसर पर समुदाय समन्वयक जुमर खान, पूनम जी, हारून जी सहित अनेक ग्रामीण एवं बालिकाएं उपस्थित रहीं।
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