दुकानदारों का कहना – “लेना है तो लो, वरना मत लो”
प्रगति न्यूज़ संवाददाता : देवराज मीणा,मुण्डावर
केंद्र सरकार ने जीएसटी की स्लैब में बदलाव कर उपभोक्ताओं को राहत देने का दावा किया था, लेकिन मुंडावर उपखंड के गांवों में इसका असर देखने को नहीं मिल रहा है। यहां के उपभोक्ताओं का कहना है कि उन्हें रोजमर्रा के सामान पर कोई छूट नहीं मिल रही है। दुकानदार पुराने भाव पर ही सामान बेच रहे हैं।
स्थानीय दुकानदारों का कहना है कि उनके पास पुराना स्टॉक पड़ा है। जब तक वह स्टॉक खत्म नहीं होता, नए रेट से सामान देना संभव नहीं है। “जैसा माल आएगा वैसा बिकेगा, लेना है तो लो वरना मत लो” – यही दुकानदारों का कहना है।
गांव के लोगों ने बताया कि बड़े व्यापारी तो जीएसटी घटाकर छोटे दुकानदारों को माल देने लगे हैं, लेकिन गांवों में छोटे दुकानदार ग्राहकों को इसका फायदा नहीं पहुँचा रहे हैं।
सामाजिक कार्यकर्ता सम्मी चौधरी (पूर्व प्रधान, पीपली) का कहना है – “जब केंद्र सरकार ने आम जनता को लाभ दिया है तो उसका फायदा सभी तक पहुँचना चाहिए। अगर कोई दुकानदार ऐसा नहीं कर रहा तो प्रशासन को इसकी जांच करनी चाहिए।”
