मुण्डावर उपखण्ड स्थित इंद्रप्रस्थ महिला महाविद्यालय में एनएसएस यूनिट और रेड रिबन क्लब के संयुक्त तत्वावधान और कार्यक्रम प्रभारी शिक्षाविद अभिनव शर्मा के निर्देशन में अंतरराष्ट्रीय मानवाधिकार दिवस के उपलक्ष्य में एकदिवसीय संगोष्ठी का आयोजन किया गया। इस संगोष्ठी को संबोधित करते हुए प्राचार्य शिक्षाविद एवं गांधीवादी विचारक डॉ. डी. आर. शर्मा ने कहा कि मानव अधिकार स्वयं सिद्ध और प्रकृति प्रदत्त हैं। राज्य सरकार का काम मानव अधिकारों की रक्षा करना और मानव को उत्तम जीवन प्रदान करना है। मानवाधिकार दिवस प्रत्येक वर्ष 10 दिसंबर को अंतर्राष्ट्रीय समुदाय के द्वारा मनाया जाता है। 10 दिसम्बर 1948 को संयुक्त राष्ट्र महासभा के द्वारा मानवाधिकारों की सार्वभौमिक की गई थी। मानव अधिकारों का घोषणा पत्र एक ऐसा लिखित दस्तावेज है, जो सभी मनुष्यों की अंतर्निहित गरिमा और समान अधिकारों की पुष्टि करता है, जो न्यायपूर्ण और शांतिपूर्ण समाज के लिए एक आधारशिला है। इस अवसर पर सहायक प्रोफेसर डॉ. प्रेमलता शर्मा, नेहा चौधरी, नीतू चौधरी, प्रियंका सैनी, अलका यादव, मनीषा यादव, काजल यादव, अंशु यादव, रूचिका चौधरी, अनोख चौधरी, ज्योति रेवाड़िया, मुस्कान यादव, तन्नु मीणा, रेणु सैनी, रिया सैनी,अनुप्रिया सांवरिया, अंशु मेघवाल अंजू कश्यप, कुमकुम मेघवाल, आशीष सिरोहीवाल एवं पायल शर्मा सहित अनेक स्वयंसेविकाओं और छात्राओं के द्वारा अपने विचार रखे गए।
मानवाधिकार न्याय पूर्ण और समतापरक समाज के लिए आधारशिला : डॉ. डी. आर. शर्मा
byTara Chand Khoydawal
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